पटना , सितंबर 22 -- खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मंगलवार को राजभाषा कार्यान्वयन समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगे) डॉ. राजू अग्रवाल ने की। बैठक में संस्थान में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग, हिंदी में कार्य निष्पादन की प्रगति, राजभाषा संबंधी कार्यों की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया।

बैठक में कुल नौ एजेंडों पर चर्चा की गई। इनमें संस्थान के प्रशासनिक एवं अन्य कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग, हिंदी के प्रयोग की प्रगति, राजभाषा संबंधी गतिविधियों की समीक्षा, हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उपाय तथा आगामी कार्ययोजना से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

बैठक में समिति के सह अध्यक्ष एवं उप निदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बल, उपाध्यक्ष एवं चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, अधिष्ठाता (अनुसंधान) प्रो. डॉ. संजय पांडेय, अधिष्ठाता (परीक्षा) प्रो. डॉ. मनोज कुमार, अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. रुचि सिन्हा तथा अधिष्ठाता (अकादमिक) प्रो. डॉ. पूनम प्रसाद भदानी उपस्थित रहीं।इसके अतिरिक्त समिति के सदस्यों के रूप में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार जालान, वित्त एवं लेखा अधिकारी विशाल कुमार, विधि अधिकारी सन्नी प्रियदर्शी, वरिष्ठ खरीद सह भंडार अधिकारी रवि कुमार तथा अधीक्षण अभियंता टी. विश्वनाथन ने बैठक में भाग लिया। लक्ष्मी लाहेरी ने सदस्य सचिव के रूप में बैठक का संचालन एवं समन्वय किया।

बैठक के दौरान राजभाषा कार्यान्वयन समिति का विस्तार करते हुए पांच नए सदस्यों को भी समिति में शामिल किया गया। इनमें सहायक परीक्षा नियंत्रक, प्रशासनिक अधिकारी, जनसंपर्क अधिकारी, कुलसचिव तथा वरिष्ठ लेखा अधिकारी शामिल थे। नए सदस्यों को शामिल किए जाने से समिति में प्रशासन, परीक्षा, वित्त, जनसंपर्क एवं संस्थागत समन्वय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व और अधिक व्यापक हुआ।

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