पटना , सितंबर 02 -- खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स), पटना के एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभाग के विभागाध्यक्ष का दायित्व प्रो. डॉ. निशांत सहाय ने संभाल लिया है। निशांत सहाय ने यह जिम्मेदारी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. उमेश कुमार भदानी के 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद ग्रहण की है।

उल्लेखनीय है कि प्रो. डॉ. उमेश कुमार भदानी और प्रो. डॉ. निशांत सहाय दोनों मार्च 2013 में एम्स पटना से जुड़े थे। उन्होंने डॉ. चांदनी सिन्हा के साथ मिलकर संस्थान में एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की स्थापना और उसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले एक दशक से अधिक समय में विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए संस्थान के प्रमुख एवं बड़े विभागों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्तमान में विभाग में 13 फैकल्टी सदस्य, लगभग 90 रेजिडेंट्स तथा तकनीकी एवं अन्य सहयोगी कर्मचारी कार्यरत हैं।

एम्स पटना में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान प्रो. डॉ. उमेश कुमार भदानी ने चिकित्सा शिक्षा, मरीजों की सेवा, प्रशासन एवं संस्थागत विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट तथा डीन (एकेडमिक्स) सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं अकादमिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

एक समर्पित चिकित्सक, कुशल शिक्षक, प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं प्रभावी प्रशासक के रूप में प्रो. डॉ. भदानी ने एम्स पटना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और संस्थान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राजू अग्रवाल ने प्रो. डॉ. उमेश कुमार भदानी के संस्थान के प्रति लंबे, समर्पित एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

साथ ही, निदेशक ने प्रो. डॉ. निशांत सहाय को नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभाग चिकित्सा सेवा, शिक्षण, अनुसंधान एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेगा।

प्रो. डॉ. निशांत सहाय एक प्रतिष्ठित चिकित्सक एवं शिक्षाविद् हैं। वे विभिन्न चिकित्सा जर्नलों में संपादक एवं परीक्षक के रूप में अपनी अकादमिक भूमिका निभाते रहे हैं तथा चिकित्सा शिक्षा एवं शोध से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय योगदान देते रहे हैं। उनके व्यापक चिकित्सकीय, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव से विभाग को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।वे वर्तमान में एम्स पटना में चीफ वार्डन, बॉयज़ हॉस्टल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

नए नेतृत्व के साथ विभाग में मरीजों की बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण देखभाल, चिकित्सा शिक्षा को और सुदृढ़ करने, अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा अकादमिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में नई पहलों की उम्मीद है।

एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभाग चिकित्सा सेवा, शिक्षा एवं अनुसंधान में उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित करने तथा एम्स पटना की संस्थागत उत्कृष्टता को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

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