पटना , अगस्त 23 -- खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान( एम्स )पटना के फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग ने पुलिस उपाधीक्षकों के पहले बैच के लिए आधे दिन का मेडिको लीगल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के समन्वय से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल का अनुमोदन एवं मार्गदर्शन प्राप्त था। कार्यक्रम में 34 वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का फोकस केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा बल्कि पुलिस अधिकारियों को यह समझाने पर रहा कि मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य किस तरह किसी जांच की दिशा और परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को इंक्वेस्ट, मृत्यु के बाद होने वाले शारीरिक बदलाव, पोस्टमार्टम की वैज्ञानिक प्रक्रिया, साक्ष्यों के संग्रह एवं संरक्षण, जैविक नमूनों की हैंडलिंग तथा एफएसएल में उनके विश्लेषण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए पोस्टमार्टम प्रक्रिया का वीडियो प्रदर्शन भी किया गया। इससे अधिकारियों को यह समझने में मदद मिली कि पोस्टमार्टम के दौरान प्राप्त मेडिकल निष्कर्ष जांच में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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