पटना , फरवरी 27 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में शुक्रवार को अत्याधुनिक सिंगल फोटॉन एमिशन कम्प्यूटेड टोमोग्राफी-कम्प्यूटेड टोमोग्राफी गामा कैमरे का शुभारंभ किया।

यह उन्नत तकनीक अब बिहार और पूर्वी भारत के मरीजों को सटीक, तेज और विश्वस्तरीय जांच सुविधा प्रदान करेगी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस पहल को "सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी क्रांति" बताया। उन्होंने कहा कि अब जटिल बीमारियों की उन्नत जांच के लिए मरीजों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समान और प्रभावी बनाएगानया सिंगल फोटॉन एमिशन कम्प्यूटेड टोमोग्राफी कम्प्यूटेड टोमोग्राफी गामा सिस्टम शरीर के भीतर हो रही गतिविधियों (फंक्शनल इमेजिंग) और अंगों की संरचना (सीटी इमेजिंग) को एक साथ दिखाता है। इससे बीमारी का सटीक स्थान और स्थिति स्पष्ट रूप से पता चलती है।यह सुविधा कैंसर, हृदय रोग, मस्तिष्क संबंधी रोग, हड्डी रोग, एंडोक्राइन -थायरॉयड और पैराथायरॉयड विकारों की जांच में विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।यह तकनीक न केवल बीमारी का प्रारंभिक चरण में पता लगाने में मदद करेगी बल्कि मरीज के अनुसार सही उपचार योजना बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष तथा कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि यह शुरुआत विभाग को क्षेत्रीय स्तर पर एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलने के साथ-साथ मेडिकल छात्रों, पीजी रेजिडेंट्स और शोध कार्य को भी नई दिशा मिलेगी।

चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) अनूप कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि एम्स पटना आधुनिक तकनीक को मरीजों की सेवा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सिंगल फोटॉन एमिशन कम्प्यूटेड टोमोग्राफी-कम्प्यूटेड टोमोग्राफी गामा कैमरा की शुरुआत संस्थान को सुपर स्पेशियलिटी जांच सेवाओं के क्षेत्र में और सशक्त बनाएगी।

कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) रुचि सिन्हा, डीन (स्टूडेंट अफेयर्स); प्रो. (डॉ.) त्रिभुवन कुमार, प्रभारी डीन (परीक्षा); प्रो. (डॉ.) क्रांति भावना, प्रभारी डीन (रिसर्च); प्रो. (डॉ.) अमित राज, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग; निलोत्पल बल, उप निदेशक (प्रशासन) सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित