पटना , मार्च 09 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग ने विश्व श्रवण दिवस 2026 के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस वर्ष की वैश्विक थीम "समुदाय से कक्षा तक: सभी बच्चों के लिए सुनने की देखभाल" को केंद्र में रखते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि सुनने की क्षमता बच्चों के भाषा विकास, सीखने की प्रक्रिया और सामाजिक आत्मविश्वास की बुनियाद है। यदि सुनने में किसी भी प्रकार की समस्या की जल्दी पहचान और समय पर इलाज हो जाए, तो बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं और अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स पटना के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संजीब कुमार घोष ने कहा कि सुनने से जुड़ी समस्याओं को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय रहते उपचार बच्चों के पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है। उन्होंने समाज, परिवार और शिक्षकों से अपील की कि बच्चों में सुनने की समस्या के शुरुआती संकेतों को गंभीरता से लें और समय पर जांच करवाएं।

यह कार्यक्रम एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल और मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. डॉ. अनूप कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

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