पटना , फरवरी 17 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के दंत चिकित्सा विभाग (ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी) ने 13 से 17 फरवरी 2026 तक अंतरराष्ट्रीय ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स सप्ताह मनाया। इस दौरान चेहरे की चोटों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा और ओरल कैंसर की शुरुआती पहचान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गये।

13 फरवरी को "मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा जागरूकता एवं प्रबंधन" विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और समय पर इलाज व बचाव के महत्व को रेखांकित किया।

14 फरवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौबतपुर में सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के सहयोग से ओरल कैंसर स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। मरीजों की जांच की गई तथा उन्हें मुख स्वच्छता, कैंसर के शुरुआती लक्षणों और तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।

17 फरवरी को ओपीडी फोयर में नर्सिंग छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर सड़क सुरक्षा, चेहरे की चोटों से बचाव और आपातकालीन उपचार के महत्व का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने किया।विभागाध्यक्ष डॉ. शिवेंद्र चौधरी ने ट्रॉमा देखभाल, कैंसर की पहचान, टीएमजे विकारों और उनके उपचार में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा ओएमएफएस वार्ड और ट्रॉमा सर्जरी एवं क्रिटिकल केयर इकाई के मरीजों को हेलमेट वितरित कर सुरक्षित जीवन का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

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