पटना , जुलाई 07 -- ृदय चिकित्सा में बढ़ती जटिलताओं के बीच अब युवा चिकित्सक वास्तविक मरीजों पर उपचार करने से पहले अत्याधुनिक सिमुलेटर पर जटिल प्रक्रियाओं का अभ्यास कर सकेंगे। चिकित्सा शिक्षा में इसी आधुनिक और सुरक्षित प्रशिक्षण पद्धति को बढ़ावा देने की दिशा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना का कार्डियोलॉजी विभाग, टेरूमो इंडिया स्किल लैब के सहयोग से 08 एवं 09 जुलाई 2026 को 'मास्टर काइज़ेन के प्रथम संस्करण का आयोजन करने जा रहा है।यह दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम युवा हृदय रोग विशेषज्ञों, डीएम कार्डियोलॉजी रेजिडेंट्स एवं इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के प्रशिक्षुओं को जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन की नवीनतम तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, लाइव कार्यशालाएँ, केस आधारित चर्चाएँ और हाई फिडेलिटी सिमुलेटर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण का अनूठा समन्वय होगा।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण है। इसमें प्रतिभागी वास्तविक मरीजों पर प्रक्रिया करने से पहले अत्याधुनिक सिमुलेटर पर बार-बार अभ्यास करेंगे। इससे उनकी तकनीकी दक्षता, नैदानिक निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास विकसित होगा। साथ ही वे संभावित जटिल परिस्थितियों की पहचान और उनके प्रभावी समाधान का अभ्यास भी पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में कर सकेंगे। यह प्रशिक्षण मॉडल मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपचार की गुणवत्ता को भी नई ऊँचाई प्रदान करेगा।
इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय एडवांस्ड बाइफर्केशन परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन है, जिसे इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में गिना जाता है। प्रतिभागियों को एडवांस्ड स्टेंट तकनीकों, इंट्रावास्कुलर इमेजिंग, प्रक्रिया की वैज्ञानिक योजना और जटिलताओं के प्रभावी प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद का अवसर भी देगा जिससे वे विश्वस्तरीय तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों को निकट से समझ सकेंगे।
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