ऋषिकेश , सितंबर, 14 -- एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए पहुंची एक महिला का कीमती आईफोन, 2,300 रुपये से अधिक की नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा पर्स सुरक्षा कर्मी ने सुरक्षित लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। सुरक्षा कर्मियों की इस तरह की पहल का सिलसिला पिछले एक वर्ष से लगातार जारी है, जिसके लिए विभाग द्वारा उन्हें समय-समय पर सम्मानित भी किया जाता रहा है।

मनीराम मार्ग, ऋषिकेश निवासी शिवानी भटनागर 11 सितंबर को एम्स की यूरोलॉजी ओपीडी में स्वास्थ्य परामर्श के लिए पहुंची थीं। अस्पताल से घर लौटते समय वह अपना लेडीज पर्स ओपीडी क्षेत्र में ही भूल गईं। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड दिलवर सिंह को पर्स मिलने पर उन्होंने ओपीडी में मौजूद लोगों से उसके मालिक के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन पता नहीं चल सका। इसके बाद उन्होंने पर्स को सुरक्षा नियंत्रण कक्ष में जमा करा दिया।

अगले दिन महिला अपना पर्स गुम होने की सूचना लेकर एम्स के सुरक्षा विभाग पहुंचीं। आवश्यक पूछताछ और सत्यापन के बाद सुरक्षा विभाग ने पर्स उन्हें सकुशल लौटा दिया। संस्थान के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं सहायक कमांडेंट अनिल चंद्र ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि पर्स में कीमती आईफोन, करीब 2,300 रुपये से अधिक नकद राशि और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। पर्स मिलने पर महिला ने सुरक्षा कर्मी दिलवर सिंह और पूरे सुरक्षा विभाग की ईमानदारी की सराहना करते हुए आभार जताया।

एम्स सुरक्षा विभाग के अनुसार, इससे पहले भी सुरक्षा कर्मियों ने कई मरीजों और तीमारदारों का खोया हुआ कीमती सामान सुरक्षित लौटाया है। इसी वर्ष 11 अप्रैल को इमरजेंसी येलो एरिया में मुजफ्फरनगर निवासी बबीता का खोया मंगलसूत्र, 10 मई को बरेली निवासी धर्मेंद्र सिंह का गेट नंबर तीन पर छूटा बैग, मोबाइल और कपड़ों का बैग, 29 जून को ट्रॉमा इमरजेंसी रेडियोलॉजी क्षेत्र में मरीज का खोया नोकिया फोन तथा 23 जुलाई को अस्पताल की चौथी मंजिल पर हरिद्वार निवासी अरविंद कुमार का बैग लौटाया गया था। बैग में नकदी के अलावा एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। विभाग की ओर से ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले सुरक्षा कर्मियों को समय-समय पर सम्मानित किया जाता है।

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