ऋषिकेश , मई 08 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने नवजात शिशुओं के लिए जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा शुरू कर दी है। शुक्रवार को संस्थान प्रबंधन ने अस्पताल से छुट्टी से पहले पहला जन्म प्रमाण पत्र जारी कर इस नई व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ किया।

संस्थान प्रशासन के अनुसार यह पहल नागरिक पंजीकरण सेवाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब एम्स अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को अस्पताल से डिस्चार्ज होने से पहले ही जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।

शुक्रवार को पहला जन्म प्रमाण पत्र सुलोचना के नवजात शिशु के नाम जारी किया गया। यह प्रमाण पत्र संस्थान की निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. मीनू सिंह तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने प्रदान किया। इस अवसर पर डीन रिसर्च प्रो. शैलेन्द्र एस. हांडू, डीन अकादमिक प्रो. सौरव वर्ष्णेय, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. सत्याश्री बालिजा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि समग्र रोगी देखभाल के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि एम्स में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को प्रारंभिक स्तर पर ही कानूनी पहचान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक नागरिक सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। बच्चे के पिता विनोद सिंह ने प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बताते हुए संस्थान का आभार जताया।

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