लखनऊ , अप्रैल 02 -- देश भर के मेडिकल संस्थानों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्रों के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (नेशनल मेडिकल कमीशन-एनएमसी) ने नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। आयोग के अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के निदेशक राम प्रताप द्वारा जारी इस सर्कुलर के अनुसार यह व्यवस्था 2022 बैच से पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों पर लागू होगी।
एक दिन पूर्व जारी सर्कुलर के अनुसार, नेक्स्ट परीक्षा अब मेडिकल छात्रों के लिए फाइनल ईयर एमबीबीएस की क्वालिफाइंग परीक्षा, चिकित्सा अभ्यास के लिए लाइसेंसिंग टेस्ट और पोस्टग्रेजुएट (पीजी) कोर्स में प्रवेश के लिए एकमात्र परीक्षा होगी, जो नीट-पीजी की जगह लेगी।
आयोग के अनुसार परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी। पहला चरण फाइनल एमबीबीएस स्तर की थ्योरी परीक्षा होगी, जबकि दूसरा चरण इंटर्नशिप के बाद क्लिनिकल और प्रैक्टिकल मूल्यांकन के रूप में होगा। सर्कुलर में सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने शैक्षणिक कैलेंडर, शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली को नेक्स्ट के अनुरूप ढालें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नेक्स्ट स्टेप-1 में असफल रहने वाले छात्र इंटर्नशिप और आगे की प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं होंगे। एनएमसी ने कहा है कि परीक्षा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।
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