मुंबई , जुलाई 27 -- शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की नेता सुषमा अंधारे ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को लेकर महायुति सरकार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एमपीएससी पर आरोप लगाया है कि सरकार लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।

सुश्री अंधारे ने परीक्षा शुल्क तथा निजी एजेंसियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाये। उन्होंने 2019-20 की एक एसबीआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि बैंकों को परीक्षा शुल्क के माध्यम से भारी आय होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) जैसी परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थी शुल्क जमा करते हैं और प्रश्नपत्र लीक होने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं होता कि एकत्र की गई करोड़ों रुपये की राशि का क्या होता है और इसका लाभ किसे मिलता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एमपीएससी अध्यक्ष ने पहले प्रश्नपत्र लीक से इनकार किया, फिर जांच के लिए सहमति दी और बाद में शिकायत करने वाले छात्र के ई-मेल को फर्जी बता दिया। सुश्री अंधारे ने एमपीएससी को इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रश्नपत्र लीक से जुड़े स्क्रीनशॉट और समय संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने वाले छात्र को भविष्य की परीक्षाओं से वंचित करने की धमकी दी गयी, जिसके कारण उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

सुश्री अंधारे ने पुणे महानगरपालिका में कनिष्ठ अभियंता के 169 पदों की भर्ती परीक्षा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि अंतिम आधे घंटे में कंप्यूटर स्क्रीन की तस्वीरें लेकर प्रश्नपत्र लीक किया गया और सूचना के अधिकार के तहत अंकपत्र मांगने वाले अभ्यर्थियों को जानबूझकर अनुत्तीर्ण कर दिया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में नाम आने के बावजूद एसएमबी, टीसीएस से जुड़ी कुछ संस्थाओं तथा प्रितेश देशमुख जैसे लोगों को सरकारी परीक्षाओं के ठेके बार-बार क्यों दिए जा रहे हैं।

उन्होंने मंत्री चंद्रकांत पाटिल के उस कथित बयान की भी आलोचना की, जिसमें प्रश्नपत्र लीक की तुलना आम चोरी से की गयी थी। श्री अंधारे ने कहा कि आम चोरी से किसी का भविष्य बर्बाद नहीं होता, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने से छात्रों का पूरा भविष्य प्रभावित हो जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस के इस कथन पर भी सवाल उठाया कि उनके कार्यकाल में कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ और दावा किया कि टीईटी, एमएच-सीईटी, कृषि, मृदा एवं जल संरक्षण, पुणे महानगरपालिका, ड्रग इंस्पेक्टर, नीट और पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आ चुके हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित