मोतिहारी , जुलाई 27 -- बिहार के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू), मोतिहारी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में 25 से 27 जुलाई तक आयोजित 'गवर्नमेंट अचीवमेंट्स एंड स्कीम्स एक्सपो-2026' में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय को यह प्रतिष्ठित सम्मान शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार आधारित पहलों, सुदृढ़ शोध परिवेश तथा छात्र-केंद्रित शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रभावी प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया।तीन दिवसीय राष्ट्रीय एक्सपो के दौरान एमजीसीयू के प्रदर्शनी स्टॉल पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों का लगातार आगमन हुआ।

आगंतुकों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, आधुनिक अधोसंरचना, शोध सुविधाओं तथा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. उमेश पात्रा ने प्रदर्शनी में सहभागिता करते हुए आगंतुकों को विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों, शोध सुविधाओं और प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. सूरज जायसवाल तथा श्रवण कुमार शर्मा ने भी स्टॉल का भ्रमण कर इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण शैक्षणिक परामर्श सत्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों और अभिभावकों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश संबंधी जानकारी दी गई। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप शुरू किए गए पांच वर्षीय एकीकृत स्नातक-स्नातकोत्तर (इंटीग्रेटेड यूजी-पीजी) कार्यक्रमों की विशेष जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बहुविषयक अध्ययन, शैक्षणिक लचीलापन और शोधोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देना है।

एक्सपो में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, राजीव गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), एनआईटी जमशेदपुर, एनआईटी मिजोरम, सीएसआईआर, केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, ओएमएफईडी तथा उद्यानिकी विभाग सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों ने भाग लिया।

इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित एक्सपो में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करना विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और प्रभावी जनसंपर्क के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और भविष्य उन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प को और मजबूत करेगा।उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए एक और स्वर्णिम अध्याय है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति उसकी सतत प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

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