चेन्नई , जुलाई 25 -- द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के पूर्व मंत्री वी. सेंथिलबालाजी 35 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले (जिसमें टीवीके के मौजूदा विधायक शामिल हैं) के सिलसिले में पुलिस के सामने पेश हुए और उनसे लगभग दो घंटे तक पूछताछ की गयी।

इस दौरान उनके भाई आर.वी. अशोक कुमार भी पुलिस थाने पहुंचे और रजिस्टर पर हस्ताक्षर किये।

ज़मानत की शर्तों का पालन करते हुए प्रिंसिपल सत्र न्यायाधीश (पीएसजे) एस. कार्तिकेयन के सामने आत्मसमर्पण करने और 25 हजार रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की दो ज़मानतें भरने के एक दिन बाद, कोयंबटूर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक सेंथिलबालाजी अपने वकीलों के साथ ट्रिपलिकेन पुलिस थाना पहुंचे।

बॉन्ड भरने के बाद पीएसजे ने उनकी ज़मानत मंज़ूर कर ली और उन्हें अगले आदेश तक दिन में दो बार पुलिस थाने में साइन करने का निर्देश दिया। इस आदेश के तहत वह और उनके भाई सुबह 10:30 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश हुए और रजिस्टर पर हस्ताक्षर किये। बाद में सेंथिलबालाजी से मामले के सिलसिले में लगभग दो घंटे तक पूछताछ की गयी। मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा सशर्त अग्रिम ज़मानत देते समय तय की गयी शर्तों के अनुसार उन्हें आज शाम 17:30 बजे फिर से हस्ताक्षर करने है।

उच्च न्यायालय ने 22 जुलाई को उनकी और उनके भाई की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिनमें पुलिस को यह निर्देश देने की मांग की गयी थी कि वे मुख्यमंत्री विजय की सरकार को गिराने की कोशिश के तहत एमएलए रिश्वत मामले की जांच के नाम पर उन्हें परेशान न करें। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अन्य मामलों में गिरफ्तार करने की कोशिशें की जा रही थीं और अनुरोध किया कि पुलिस को निर्देश दिया जाए कि पूछताछ के लिए बुलाने से पहले उन्हें उचित नोटिस जारी किया जाये।

न्यायमूर्ति जी.के. इलानथिरायन ने कहा कि हालांकि रिश्वत मामले में अग्रिम जमानत दे दी गयी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने अभी तक पीएसजे अदालत के सामने समर्पण नहीं किया था और शर्तों को पूरा नहीं किया है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य के मामलों में गिरफ्तारी की उनकी आशंका समय से पहले की थी और उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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