श्रीनगर , अक्टूबर 17 -- मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) की पहल पर शुक्रवार को कश्मीर, जम्मू और लद्दाख की 70 से अधिक प्रमुख मस्जिदों में एक साथ जुमे का खुतबा दिया गया। इसका मुख्य विषय ईमान (आस्था) था और इसमें विभिन्न इस्लामी विचारधाराओं के धर्मगुरुओं ने भाग लिया।

कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले एमएमयू ने हाल ही में केंद्रशासित प्रदेश की मस्जिदों और दरगाहों में एक समान जुमे का खुतबा लागू करने के वक्फ बोर्ड के प्रस्ताव का विरोध किया था।

एमएमयू के अनुसार, कश्मीर घाटी के सभी 10 जिलों, जम्मू संभाग के राजौरी, पुंछ, उधमपुर और चिनाब घाटी के कुछ हिस्सों तथा लद्दाख के कारगिल, द्रास और लेह में खुतबे आयोजित किए गए। इनमें हनफी, जाफरी, अहले हदीस, बरेलवी और देवबंदी परंपराओं के उलेमा, इमाम और खतीब शामिल हुए।

खुतबों में व्यक्तिगत चरित्र, पारिवारिक जीवन और समाज के निर्माण में ईमान की भूमिका पर जोर दिया गया। युवाओं में भौतिकवाद, धार्मिक जागरूकता में कमी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

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