भुवनेश्वर , अगस्त 19 -- बीजू जनता दल (बीजद ) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को 'खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) कानून ' में हाल ही में हुए संशोधन का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि इससे ओडिशा और लोगों को भारी नुकसान होगा।
श्री पटनायक ने एक वीडियो संदेश में कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में पर्याप्त चर्चा किए बिना ही इतना महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पारित कर दिया। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा में सिर्फ बीजद के सांसदों ने ही इसका विरोध किया। विपक्ष के नेता ने कहा कि ओडिशा और राज्य के लोगों के हितों से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, "हमें किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अपने राज्य और अपनी धरती के हितों के लिए एकजुट होना चाहिए।"पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे एमएमडीआर संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएं और ओडिशा विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करें। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विधेयक ने राज्य के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार छीन लिये हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा में क्रोमाइट, बॉक्साइट, लौह अयस्क, कोयला और मैंगनीज के देश के सबसे बड़े भंडार मौजूद हैं और इस संशोधन से इन संसाधनों पर राज्य के अधिकारों पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, "हम अपने लोगों की भलाई के लिए अपनी ही खदानों से कर क्यों नहीं वसूल सकते?"उन्होंने आरोप लगाया कि खनन से होने वाली धूल और प्रदूषण का सामना तो ओडिशा के लोगों को करना पड़ेगा, लेकिन राज्य के खनिज संसाधन का फ़ायदा केंद्र को मिलेगा लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।" उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने 24 साल के कार्यकाल में उन्होंने ओडिशा के हितों की रक्षा की है और दावा किया कि केंद्र में रही अलग-अलग सरकारों , चाहे वे किसी भी पार्टी की रही हों, उन्होंने राज्य के अधिकारों को कमज़ोर करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने 2024 में ओडिशा में सरकार बदलने का ज़िक्र करते हुए कहा, "आपने बदलाव किया और भाजपा की नयी सरकार चुनी। सिर्फ़ दो साल में सब कुछ बदल गया है। अब ओडिशा को केंद्र की दया पर निर्भर रहना पड़ेगा।" उन्होंने ओडिशा के भाजपा सांसदों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि वे संसद में राज्य से जुड़े मुद्दों को उठाने में नाकाम रहे।
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