भुवनेश्वर , सितंबर 25 -- ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन संशोधित एमएमडीआर अधिनियम को लेकर गतिरोध बना रहा।
बीजू जनता दल और कांग्रेस के सदस्यों ने सदन के बीचों-बीच आकर विरोध-प्रदर्शन किया जिसके कारण उपसभापति भवानी शंकर भोई ने कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
'प्रश्न काल' के लिए सुबह 10:30 बजे सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्ष के सदस्य हाथों में परचे लेकर सदन के वेल में आ गये और संसद से पारित हुए एमएमडीआर संशोधन कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाने लगे। विपक्ष के सदस्यों का आरोप था कि इस संशोधित कानून से ओडिशा को एक लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का आर्थिक नुकसान होगा और राज्य अपने खनिज संसाधनों पर अपने अधिकारों से वंचित हो जायेगा।
हंगामे के बीच उपसभापति ने स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को डॉ.फकीर मोहन नायक द्वारा उठाये गये सवाल का जवाब देने के लिए कहा , हालांकि जैसे ही मंत्री जवाब देने के लिए खड़े हुए विपक्ष ने नारेबाजी तेज़ कर दी और कार्यवाही में बाधा डाली। उपसभापति ने सदन के शुरू होने के चार मिनट बाद ही 10:34 बजे सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
एमएमडीआर अधिनियम को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण विधानसभा में लगातार चौथे दिन 'प्रश्न काल', 'शून्य काल' और 'स्थगन प्रस्ताव' से जुड़ा कामकाज नहीं हो सका। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के तुरंत बाद, बीजद सदस्यों ने एजी स्क्वायर तक मार्च किया और संशोधित एमएमडीआर अधिनयम के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे काला कानून करार दिया और आरोप लगाया कि यह ओडिशा के हितों के खिलाफ है।
बीजद सदस्य गौतम बुद्ध दास ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार एमएमडीआर अधिनियम को वापस नहीं लेती तब तक पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज़ करेगी और हर गांव के लोगों तक पहुंचकर उन्हें भाजपा सरकार की उन नीतियों के बारे में बताएगी जिन्हें पार्टी जन-विरोधी मानती है।
कांग्रेस सदस्यों ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक एमएमडीआर अधिनियम वापस नहीं ले लिया जाता और सरकार विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत नहीं हो जाती। विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के कारण मानसून सत्र के चार दिन पहले ही बाधित हो चुके हैं जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या बाकी कार्यवाही के दौरान भी यह गतिरोध बना रहेगा।
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