नयी दिल्ली , फरवरी 23 -- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने सोमवार को आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शांतिश्री धूलिपुडी पंडित की कथित जाति सूचक टिप्पणियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पथराव किया तथा प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की।

जेएनयूएसयू ने संवाददाता सम्मेलन कर आरोप लगाया कि एक मीडिया पोडकास्ट में दिए गए बयान में कुलपति ने दलित समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और यूजीसी के नियमों को "अनावश्यक" एवं "अतार्किक" बताया था। इस टिप्पणी के विरोध में जेएनयूएसयू ने कुलपति से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरु किया। कुलपति द्वारा दो फरवरी को छात्रसंघ सहित पूर्व अध्यक्ष को निलंबित किए जाने के बाद विरोध और तेज हो गया। छात्रों ने "इक्वालिटी जुलूस" निकालकर ईस्ट गेट तक मार्च किया लेकिन कुलपति उनसे संवाद करने नहीं आईं। इसके बाद छात्रसंघ ने माफी और इस्तीफे तक कक्षाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि कल रात जब सैकड़ों छात्र एसएल-एसआईएस लॉन में एकत्र हुए तब एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने एकत्रित छात्रों पर पत्थराव शुरू कर दीं। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया और कई छात्रों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों को सेंट्रल लाइब्रेरी के अंदर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा और उन्होंने पूरी रात भय और अनिश्चितता में बिताई।

उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से देशभर के संस्थानों में सामाजिक न्याय को लेकर चिंताएँ उठाई गई हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर चर्चा कर रहे छात्रों पर दिनदहाड़े हमला किया गया। दिल्ली में रोहित एक्ट की मांग कर रहे छात्रों के साथ मॉरिस नगर पुलिस स्टेशन के अंदर धमकी और डराने-धमकाने की घटनाएँ हुईं। श्याम लाल कॉलेज में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र मीणा के खिलाफ जातिवादी और हिंसक नारे लगाए गए।

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