कानपुर , अगस्त 26 -- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के माध्यम से सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण को गति देने तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कानपुर में कानपुर एवं झांसी मंडल का मंडल स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
बिठूर स्थित होटल इटर्निटी में मंगलवार को आयोजित सम्मेलन में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों, चिकित्सकों और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने पर मंथन किया। सम्मेलन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, उत्तर प्रदेश अर्चना वर्मा और सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा मिशन निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश रितु माहेश्वरी की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश डॉ. मोहित सिंह ने एबीडीएम की प्रगति, उपलब्धियों और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने एबीडीएम के तहत आभा आईडी, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री समेत विभिन्न डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की जानकारी दी।
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि आभा आईडी के माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित रख सकते हैं। इससे मरीजों को बार-बार पुराने चिकित्सा दस्तावेज साथ लेकर चलने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही, अधिकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए मरीज की पूर्व चिकित्सा जानकारी उपलब्ध होने से उपचार प्रक्रिया को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।
वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
सम्मेलन में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों को एबीडीएम से जोड़ने, अधिक से अधिक आभा आधारित ओपीडी पंजीकरण कराने और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जनपद और ब्लॉक स्तर पर एबीडीएम की प्रगति की नियमित समीक्षा किए जाने की आवश्यकता भी बताई।
बैठक में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की सक्रिय भागीदारी को डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सम्मेलन में कहा गया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को केवल तकनीकी पहल तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर नगर डॉ. हरिदत्त नेमी, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, झांसी मंडल डॉ. आर.के. सोनी तथा अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानपुर मंडल डॉ. रेनू जोशी पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सम्मेलन में चिकित्सकों के अलावा नर्सिंग होम के संस्थापक, प्रबंधक और निदेशक तथा स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। अधिकारियों ने एबीडीएम के विभिन्न घटकों को व्यापक स्तर पर लागू करने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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