मुंबई , सितंबर 24 -- महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने त्योहार प्रवर्तन अभियान के दौरान लगभग 9.76 करोड़ रुपये मूल्य का 6.34 लाख किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किया है।

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे की ओर से जारी एक प्रेस नोट के अनुसार यह अभियान 1 से 23 सितंबर तक एफडीए के 'त्योहार प्रवर्तन पोर्टल' के माध्यम से चलाया गया।

अभियान के दौरान एफडीए अधिकारियों ने राज्यभर में 3,068 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। 1,506 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किये गये, जबकि गंभीर उल्लंघनों के लिए 248 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिये गये और 12 लाइसेंस रद्द कर दिये गये। एफडीए ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 69 के तहत 455 मामले भी दर्ज किये। इनमें से 398 मामलों का निपटारा किया गया और 53.60 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।

विश्लेषण के लिए कुल 2,423 खाद्य नमूने एकत्र किये गये, जिनमें मिठाइयां, खोया, दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल और व्रत का भोजन शामिल था। नासिक संभाग में सबसे अधिक जब्ती दर्ज की गयी, जहां 6.23 करोड़ रुपये मूल्य का 4,42,746 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किया गया। इसके बाद कोंकण संभाग में 1.53 करोड़ रुपये मूल्य का 1,24,793 किलोग्राम और पुणे संभाग में 1.52 करोड़ रुपये मूल्य का 46,266 किलोग्राम पदार्थ जब्त किया गया।

एफडीए ने कहा कि प्रवर्तन अभियान का ध्यान उत्पादन इकाइयों, मिलों, खोया बाजारों, कोल्ड स्टोरेज और थोक बाजारों पर केंद्रित था ताकि धार्मिक गतिविधियों में बाधा डाले बिना असुरक्षित भोजन को उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोका जा सके।

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के दौरान गणेश मंडलों से भंडारा, अन्नछत्र और महाप्रसाद के लिए ऑनलाइन 3,198 आवेदन प्राप्त हुए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जोखिम मूल्यांकन के आधार पर 383 स्थानों का निरीक्षण किया और आयोजकों को स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता और उचित भंडारण के बारे में सलाह दी।

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