रांची , अगस्त 27 -- झारखंड हाई कोर्ट में सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई हुई।

अदालत ने परीक्षा रद्द करने के सरकारी फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने से इनकार कर दिया।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने सरकार को 14 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है।

यह याचिका सत्यांशु शुभम, संजना सिंह समेत अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल की गई है।

याचिकाकर्ताओं ने सरकार के उस प्रशासनिक निर्णय को चुनौती दी है, जिसके तहत एपीपी परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। उन्होंने परीक्षा रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की थी।

अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से लंबे समय से तैयारी कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। हालांकि, हाई कोर्ट द्वारा तत्काल रोक लगाने से इनकार किए जाने के बाद फिलहाल परीक्षा रद्द करने का सरकारी फैसला प्रभावी रहेगा।

अब मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब से परीक्षा रद्द करने के आधार और सरकार के पक्ष की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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