देहरादून , जून 19 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने उत्तराखंड के देहरादून में होने वाली विख्यात स्वादिष्ट ताजा लीची गुरुवार 18 जून को इटली के लिए पहली निर्यात खेप भेजने में सहयोग प्रदान किया। यह मील का पत्थर यूरोपीय बाजार में उत्तराखंड की प्रीमियम लीची के प्रवेश का प्रतीक है और भारत के उच्च गुणवत्ता वाले ताजे फलों को मिल रही बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एक मीट्रिक टन ताजी लीची से युक्त इस पहली खेप को इटली निर्यात किया गया, जो राज्य के बागवानी क्षेत्र की निर्यात क्षमता को प्रदर्शित करता है। उम्मीद है कि यह खेप अंतरराष्ट्रीय ताजे फल बाजारों में भारत की उपस्थिति को मजबूत करेगी और साथ ही हिमालयी क्षेत्र के प्रीमियम उत्पादों को बढ़ावा देगी।
उल्लेखनीय है कि देहरादून की लीची अपनी अनूठी मिठास, आकर्षक लाल रंग, सोंधी सुगंध और बेहतरीन गूदे (पल्प) की गुणवत्ता के लिए व्यापक रूप से जानी जाती है। यह क्षेत्र रोज़ सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रसिद्ध किस्मों के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियां, विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों में, इस फल की प्रीमियम गुणवत्ता और बाजार आकर्षण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
इस निर्यात पहल के परिणामस्वरूप उत्पादकों की आय में भी सुधार हुआ है, जिससे किसानों को मौजूदा घरेलू बाजार दरों की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त हुआ है। इस विकास से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्रथाओं को व्यापक रूप से अपनाने और निर्यात-उन्मुख बागवानी में अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस खेप को एपीडा, उत्तराखंड सरकार, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों, लॉजिस्टिक्स भागीदारों और अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से सुगम बनाया गया था। यह पहल भारतीय कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सक्षम करने में पूरी मूल्य श्रृंखला में सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है।
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