नयी दिल्ली , फरवरी 20 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 'एपस्टीन फाइल्स' के खुलासों का हवाला देते हुए शुक्रवार कोपेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से तुरंत हटाने की मांग की।
माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में फाइलों की सामग्री को 'अत्यंत घृणित एवं वीभत्स' करार देते हुए आरोप लगाया कि ये फाइलें राजनेताओं, वित्तीय दिग्गजों, प्रौद्योगिकी जगत के नेताओं और मशहूर हस्तियों के शक्तिशाली वैश्विक नेटवर्क का पर्दाफाश करती हैं, जो यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हैं।
पोलित ब्यूरो ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स की अत्यंत घृणित और वीभत्स सामग्री रोजाना सामने आ रही है। उन्होंने इसके साथ ही अमेरिकी अधिकारियों पर जानकारी दबाने के प्रयास का आरोप भी लगाया। पार्टी ने दावा किया, "सत्ता के संभ्रांत वर्ग से जुड़े इस नेटवर्क की आक्रामक आपराधिक प्रकृति और दंडमुक्ति के बारे में रत्ती भर भी संदेह नहीं है, जिसका मुख्य सूत्रधार एपस्टीन था।"माकपा ने आरोप लगाया कि श्री पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी की संलिप्तता के स्पष्ट सबूत होने के बावजूद केंद्र सरकार ने स्पष्टीकरण मांगने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का कोई प्रयास नहीं किया है।
माकपा ने सरकार पर संसदीय जांच को बाधित करने का भी आरोप लगाया। बयान में आगे कहा गया है, "केंद्र सरकार ने संसद पटल पर 'एपस्टीन फाइल्स' पर किसी भी चर्चा की अनुमति नहीं दी है।"पार्टी ने आगे आरोप लगाया कि श्री पुरी अपनी ही संवाददाता सम्मेलन में झूठ बोलते पकड़े गये हैं और दावा किया, "बर्खास्त किये जाने के बजाय उन्हें हर तरह के कुटिल और अनुचित तरीकों से बचाया जा रहा है।"इस मुद्दे को राष्ट्रीय विश्वसनीयता का मामला बताते हुए पोलित ब्यूरो ने कहा कि इन परिस्थितियों में, राष्ट्रीय शर्मिंदगी और अपमान से बचने के लिए प्रधानमंत्री को श्री पुरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए।
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