नयी दिल्ली , जुलाई 10 -- फौजी अफसर के रूप में मातृभूमि की सेवा करने का जोश, उत्साह और सपनों से भरा दिल लेकर गये एन डी ए कैडेट अभिनव बाजपेयी का यह सफर अच्छी तरह शुरु होने से पहले ही प्रशिक्षण के दौरान तबीयत बिगड़ने के कारण खत्म हो गया।

पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एन डी ए में यह युवा देश के लिए अपनी ज़िंदगी समर्पित करने को तैयार था। लेकिन अकादमी की प्रतिष्ठित यूनिफॉर्म पहली बार पहनने के बमुश्किल 16 दिन बाद ही, 17 साल के कैडेट अभिनव बाजपेयी का सफ़र दुखद रूप से खत्म हो गया। वह अपने पीछे एक दुखी परिवार, टूटे हुए सपने और अकादमी में अपने सबसे युवा सदस्यों में से एक को खोने का गम छोड़ गए।

उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अभिनव गत 24 जून को पहले टर्म के कैडेट के तौर पर अकादमी में शामिल हुए थे। इससे पहले हज़ारों युवा उम्मीदवारों की तरह, उन्होंने पुणे के खड़कवासला में स्थित प्रतिष्ठित ट्राई-सर्विसेज ट्रेनिंग संस्थान में अपनी जगह बनाने के लिए देश की सबसे कठिन चयन प्रक्रियाओं में से एक को पास किया था।

अभिनव के लिए एन डी ए सिर्फ़ एक अकादमी नहीं बल्कि बचपन के सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम था-यूनिफॉर्म पहनने, देश की सेवा करने और एक दिन अपने कंधों पर 'लीडरशिप' के सितारे सजाने का सपना।

आज सुबह, अपनी पहली आधिकारिक शारीरिक प्रशिक्षण परेड के दौरान, युवा कैडेट ने सैन्य जीवन की नींव रखने के लिए कठिन रूटीन प्रशिक्षण में हिस्सा लिया , हालांकि इस दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई और वह अचानक गिर पड़े। इंस्ट्रक्टर और साथी कैडेट तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े। उन्हें खड़कवासला के मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की। मेडिकल टीम की तमाम कोशिशों के बावजूद अभिनव को बचाया नहीं जा सका।

पुणे स्थित रक्षा जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि कैडेट बाजपेयी के परिवार वालों और पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। इस दुखद घटना के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी' (जांच) के आदेश दिये गये हैं।

अकादमी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस अकल्पनीय दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी रही। कैडेट अभिनव की मौत अक्टूबर 2025 के बाद से एन डी ए कैडेट की जान जाने की तीसरी घटना है। यह उन युवा पुरुषों और महिलाओं के सामने आने वाली कठिन शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों को उजागर करती है जो मिलिट्री ट्रेनिंग संस्थानों में शामिल होते हैं।

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