पटना , जून 25 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने गुरुवार को एनसीसी उड़ान की ओर से प्रस्तावित 'बिहार यूथ रेजिलिएंस एवं सिविक लीडरशिप मिशन' को प्रारंभिक चरण में राज्य के चयनित महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में पायलट परियोजना के रूप में लागू करने का सुझाव दिया है।

श्री हसनैन के समक्ष आज बिहार लोक भवन में इस मिशन पर एक पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण किया गया।

राज्यपाल ने प्रस्तुतीकरण के दौरान इस मिशन को प्रारंभिक चरण में राज्य के चयनित महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में पायलट परियोजना के रूप में लागू करने का सुझाव दिया और कहा कि इस परियोजना से प्राप्त अनुभवों, संबंधित संस्थानों से प्राप्त प्रतिक्रिया तथा इसके प्रभाव के समग्र मूल्यांकन के आधार पर भविष्य में इसे बिहार के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों तक विस्तारित करने पर विचार किया जाना चाहिए।

श्री हसनैन ने एनसीसी उड़ान के स्वयंसेवकों की ओर से वर्षों से किए जा रहे सामाजिक, शैक्षिक, आपदा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा एवं सामुदायिक सेवा कार्यों की सराहना की।

प्रस्तुतीकरण में बिहार के शैक्षणिक संस्थानों में कैम्पस इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों के गठन, छात्र नेतृत्व विकास, आपदा तैयारी, सड़क सुरक्षा जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देने हेतु एक समग्र रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस दौरान एनसीसी उड़ान द्वारा राज्य के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवकों का एक सशक्त नेटवर्क विकसित करने की परिकल्पना साझा की गई, जिससे युवाओं को नेतृत्व, सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के अवसर प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, एनसीसी उड़ान के संरक्षक मेजर जनरल एम. इंद्रबालन (सेवानिवृत्त), ब्रिगेडियर प्रवीण कुमार (सेवानिवृत्त), एनसीसी उड़ान के अध्यक्ष धीरज कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

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