नयी दिल्ली , अप्रैल 28 -- मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से सफलतापूर्वक वापस लाने में कामयाबी पाई है। ऑपरेशन ग्लोबल-हंट के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि यह अभियान नशीले पदार्थों के अपराधियों और संगठित अपराध सिंडिकेट को कानून के कटघरे में लाने के मोदी सरकार के पक्के इरादे को दिखाता है, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।

उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार की नार्को सिंडिकेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारतीय मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों ने मजबूत अंतरराष्ट्रीय तालमेल के जरिए अपनी पहुंच दुनियाभर में बढ़ाई है।

'ऑपरेशन ग्लोबल-हंट' के तहत चलाए गए इस ऑपरेशन में एनसीबी, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और भारतीय खुफिया नेटवर्क के बीच करीबी तालमेल शामिल था। डोला को मंगलवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया।

मुंबई का रहने वाला 59 वर्षीय यह तस्कर मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर जारी किए गए इंटरपोल के 'रेड नोटिस' में वांछित था। वह कई सालों से फरार था और देशभर में नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में उसकी तलाश थी।

अधिकारियों ने बताया कि डोला ने दो दशकों में नशीले पदार्थों की तस्करी का एक विशाल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क खड़ा कर लिया था, जो मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के कई इलाकों में फैला हुआ था। उसके आपराधिक इतिहास में महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मैंड्रेक्स और मेथामफेटामाइन जैसी कई कीमती नशीली चीजों की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामलों में उसकी संलिप्तता शामिल है। उसे भारत के अंदर नशीले पदार्थों के वितरण नेटवर्क को नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पहुंचाने वाले एक मुख्य आपूर्तिकर्ता के तौर पर पहचाना गया था।

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