नयी दिल्ली , जुलाई 31 -- नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) ने शुक्रवार को पार्टी सांसदों के बीच किसी भी तरह के मतभेद होने को एक सिरे से खारिज करते हुए पश्चिम बंगाल के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पार्टी ने अपने बयान में उन मीडिया रिपोर्टों से एक सिरे से इनकार किया जिनमें पार्टी के सांसदों के बीच गुटबाजी का संकेत किया गया था। एनसीपीआई का कहना है कि कोई आंतरिक कलह नहीं है और जनता से निराधार दावों से प्रभावित नहीं होने की अपील की।
बयान में कहा गया, "हमारे सांसदों के बीच मतभेदों की खबरें पूरी तरह से झूठी, गुमराह करने वाली और बिना किसी ठोस आधार वाली हैं।" पार्टी ने यह भी कहा कि एनसीपीआई के सभी सांसद 'पूरी तरह से एकजुट हैं।'पार्टी ने अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के द्वारा पश्चिम बंगाल के जमीनी स्तर पर विकास और लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न सार्वजनिक पहलों और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से मिलकर काम करने का दावा किया। एनसीपीआई ने अपनी व्यापक राजनीतिक प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि उसकी गतिविधियां राष्ट्रीय हित से प्रेरित हैं और साथ ही वह पश्चिम बंगाल की प्रगति और समृद्धि के लिए भी प्रयास कर रही है।
बयान में कहा गया, "एनसीपीआई के सभी सांसद एकजुट हैं और पश्चिम बंगाल के विकास, लोगों के कल्याण और राष्ट्रीय हित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम 'विकसित भारत 2047' के विजन में योगदान देने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।"गौरतलब है कि एनसीपीआई की ओर से यह स्पष्टीकरण पार्टी के संसदीय नेतृत्व के भीतर संभावित आंतरिक मतभेदों के बारे में हालिया मीडिया कयासों के बीच आया है। पार्टी ने ऐसे दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उसका नेतृत्व और सांसद पार्टी के संगठनात्मक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के विकास और नागरिकों के कल्याण के लिए मिलकर काम करने में एकजुट हैं।
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