शिमला , जून 10 -- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने बुधवार को जनजातीय क्षेत्रों के विकास और जनजातीय समुदायों के कल्याण के प्रति हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की।

आयोग ने इसके साथ ही अधिकारियों को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत मामलों के निपटारे में तेजी लाने का निर्देश दिया।

एनसीएसटी के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने यहां राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जनजातीय विकास के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सड़क संपर्क, बिजली और पेयजल आपूर्ति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हासिल की गयी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

श्री आर्य ने विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की और जनजातीय आबादी के लिये सुविधाओं और सेवाओं में और सुधार करने के उद्देश्य से निर्देश जारी किये। बैठक के दौरान आयोग के सदस्यों निरुपम चकमा और डॉ. आशा लाकड़ा ने भी अपने सुझाव दिये। एनसीएसटी अध्यक्ष ने राज्य सरकार को वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित दावों के समाधान में तेजी लाने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के उनका अधिकार मिल सके।

उन्होंने कहा कि देश के कई अन्य हिस्सों के विपरीत, हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से सिकल सेल एनीमिया का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने इससे पहले जनजातीय युवाओं के साथ बातचीत की और शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास पर अपने विचार साझा किये। प्रतिनिधिमंडल ने जनजातीय कल्याण और वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिये जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों, वन संरक्षण समितियों, वन अधिकार लाभार्थियों और सामाजिक संगठनों से भी मुलाकात की। हाटी, गुर्जर, गद्दी, किन्नौरा और अन्य जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने आयोग के सामने क्षेत्र-विशिष्ट चिंताएं रखीं और हालात में सुधार करने के लिए सुझाव दिये।

श्री आर्य ने उन्हें आश्वासन दिया कि उठाये गये मुद्दों के समाधान के लिए उचित कदम उठाये जायेंगे और जनजातीय आबादी तक अधिकतम लाभ पहुंचना सुनिश्चित किया जायेगा।

आयोग ने जनजातीय क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम और लोक निर्माण विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की और राज्य के सांसदों तथा विधायकों के साथ चर्चा की।

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