नयी दिल्ली , जून 25 -- राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की कक्षा नौ की सामाजिक विज्ञान की नयी पाठ्यपुस्तक में पहली बार 'आपातकाल' विषय को शामिल किया गया है।
संस्थान के एक अधिकारी ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की।
'समाज को समझना: भारत और उससे परे' नामक पाठ्यपुस्तक में यह विषय उस अध्याय में जोड़ा गया है, जो भारत में लोकतंत्र की ताकत और चुनौतियों पर चर्चा करता है।
एक अधिकारी ने मीडियाकर्मी से कहा कि कक्षा नौ की पुरानी पाठ्यपुस्तक में आपातकाल का कोई जिक्र नहीं था, लेकिन संशोधित पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में अब एक समर्पित खंड जोड़ा गया है। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब हाल ही में 1975 में लगाए गए आपातकाल के 50 वर्ष पूरे हुए हैं।
इस अवधि के बारे में विस्तार से बताते हुए पुस्तक के खंड में कहा गया है, "भारत में लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक तब दर्ज की गयी जब 1975-77 में आपातकाल लगाया गया था। वर्ष 1970 के दशक की शुरुआत में श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति जनता का असंतोष बढ़ रहा था। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और कुशासन के आरोपों के कारण व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए।" पुस्तक में समझाया गया है कि इसी जन-असंतोष के कारण सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल लगाया था।
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