पंचकूला , अगस्त 01 -- हरियाणा परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से बीएस-4 डीजल ट्रकों और बसों के स्थान पर बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है।

विभाग ने पात्र वाहन मालिकों से परिवर्तन पोर्टल पर शीघ्र पंजीकरण कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि रोहतक जिले में उपायुक्त के मार्गदर्शन में ट्रक और बस संचालकों को नई सफर योजना/परिवर्तन योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिले में 3,040 ट्रक मालिक और 717 बस मालिक इस योजना का लाभ लेने के पात्र हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि भविष्य में लागू होने वाले प्रदूषण नियंत्रण मानकों को देखते हुए बीएस-6 तकनीक वाले वाहन अपनाना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ परिवहन संचालकों के लिए भी लाभदायक है। इससे प्रदूषण कम होगा, ईंधन की बचत होगी और परिचालन लागत में भी कमी आएगी।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत नए बीएस-6 सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर शत प्रतिशत मोटर वाहन कर (एमवी टैक्स) में छूट, पात्र प्रतिस्थापन मामलों में 50 प्रतिशत एमवी टैक्स छूट, पंजीकरण शुल्क में शत प्रतिशत छूट, वाहन ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान, सीमित अवधि तक डीजल एवं सीएनजी वाहनों के लिए मासिक ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों पर 2.56 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।

इसके अलावा वाहन निर्माताओं की ओर से आठ प्रतिशत तक की छूट, प्रशिक्षण सुविधा, डिजिटल एवं पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया तथा पेपरलेस परमिट और वाहन स्थानांतरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रवक्ता ने कहा कि योजना का उद्देश्य "स्वच्छ वाहन, स्वच्छ हवा, सुरक्षित सड़कें और स्वस्थ भविष्य" सुनिश्चित करना है। इच्छुक वाहन मालिक परिवर्तन पोर्टल पर वाहन की आरसी, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के साथ आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने सभी पात्र परिवहन संचालकों से पुराने प्रदूषणकारी वाहनों के स्थान पर आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल वाहन अपनाने की अपील की।

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