पुडुचेरी , अप्रैल 04 -- कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को पुडुचेरी में सत्तारूढ़ एआईएनआरसी-नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को "अवसरवादी" करार देते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन भ्रष्टाचार और लूट पर आधारित है।

कांग्रेस-डीएमके के इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि 09 अप्रैल को होने वाला विधानसभा चुनाव भाजपा-आरएसएस की "विभाजनकारी ताकतों" के खिलाफ लड़ने का अवसर है, जो राज्य की एकता, सौहार्द और प्रगतिशील सोच को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं।

उन्होंने पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि उपराज्यपाल द्वारा निर्वाचित सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप किया जा रहा है।

श्री खरगे ने कहा, "पुडुचेरी को राज्य का दर्जा देना हमारी पहली गारंटी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि हर विभाग में भ्रष्टाचार है, जनता परेशान है, धन का दुरुपयोग हुआ है और विकास कार्य ठप पड़े हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ "शून्य सहनशीलता" की बात करते हैं, लेकिन जमीन से आसमान तक-हवाई अड्डों से लेकर बंदरगाहों तक-संपत्तियां एक ही व्यक्ति, अडानी, को सौंप दी गई हैं।

श्री खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस-भाजपा सरकार ने लगभग 450 शराब की दुकानें खोलीं और लोगों को स्वच्छ पानी के बजाय शराब दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यहां कोई नई उद्योग इकाई स्थापित नहीं हुई, जबकि छह नई डिस्टिलरी लगाई जा रही हैं, जिससे पानी की बर्बादी बढ़ेगी। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, जबकि प्रधानमंत्री ने 44 करोड़ नौकरियों का वादा किया था।

उन्होंने लोगों से अपील की कि मतदान से पहले यह सवाल जरूर पूछें कि 44 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ।

श्री खरगे ने दावा किया कि पुडुचेरी का विकास कांग्रेस ने किया, जबकि भाजपा ने उसे नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस द्वारा शुरू की गई योजनाओं के नाम बदल देती है और यही प्रधानमंत्री की कार्यशैली है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री पुडुचेरी आए, लेकिन जनता से संवाद करने के बजाय केवल रोड शो किया और "दिखावे पर ज्यादा खर्च" किया।

पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी का जिक्र करते हुए श्री खरगे ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में उपराज्यपाल किरण बेदी ने केंद्र सरकार के इशारे पर काम करते हुए सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप किया।

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