जालंधर , अगस्त 31 -- पंजाब स्वास्थ्य विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कर्मचारियोंने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को भी सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।

डॉ पंखुड़ी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पंजाब सरकार की कथित टालमटोल की नीति के खिलाफ नारेबाजी की और सहायक सिविल सर्जन डॉ. ज्योति फुकेला को दो सितंबर तक हड़ताल जारीरखने संबंधी मांगपत्र सौंपा।

कर्मचारियों के अनुसार एनएचएम के तहत बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले 15-20 वर्षों से ठेके पर सेवाएं दे रहे हैं और वे नियमितीकरण समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। कर्मचारियों ने समान काम के लिए समान वेतन, ग्रेच्युटी, सेवानिवृत्ति आयु में बढ़ोतरी तथा अन्यमांगें पूरी करने की मांग की।

इस बीच, एनएचएम कर्मचारी यूनियन और मिशन निदेशक एनएचएम के बीच हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभाग की ओर से बताया गया कि लॉयल्टी बोनस तथा सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने संबंधी फाइल भेजी जा चुकी है। वेतन वृद्धि से संबंधित फाइल 2 सितंबर की बैठक से पहले वित्त विभाग को दोबारा भेजने के निर्देश दिये गये हैं।

वेतन भुगतान के संबंध में एसीएफए को हर महीने की 25 तारीख तक वेतन का बजट भेजने तथा इस संबंध में जिलों को लिखित निर्देश जारी करने को कहा गया है। इसके बाद अब एनएचएम कर्मचारियों की निगाहें दो सितंबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समान काम-समान वेतन, ग्रेच्युटी और आयु सीमा बढ़ाने समेत उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी मांगों की अनदेखी का जवाब देने की भी चेतावनी दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित