नयी दिल्ली , सितंबर 09 -- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में पौधरोपण संबंधी नियमों के अनुपालन को कड़ा करते हुए 80 प्रतिशत क्षेत्र में पौधारोपण और 90 प्रतिशत पौधों के जीवित रहने को अनिवार्य किया है।

एनएचएआई के नये दिशा-निर्देशों के अनुसार, परियोजनाओं का अस्थायी पूर्णता प्रमाणपत्र (पीसीसी) अथवा अस्थायी वाणिज्यिक संचालन तिथि (पीसीओडी) जारी करने के लिए डिवाइडर और राजमार्ग के किनारे निर्धारित क्षेत्र में कम से कम 80 प्रतिशत पौधरोपण तथा निरीक्षण के समय पौधों की कम से कम 90 प्रतिशत जीवित रहने की दर जरूरी होगी।

निर्धारित सीमा से कम पौधारोपण होने पर शेष कार्य पूरा करने की समयसीमा तय की जायेगी और अनुबंध के प्रावधानों के तहत संबंधित राशि रोकी जा सकेगी। संचालन एवं रखरखाव अवधि में भी 90 प्रतिशत पौधों की जीवित रहने की दर बनाये रखना अनिवार्य होगा। पौधों के नष्ट होने की स्थिति में समान आयु और वृद्धि वाले पौधे समय पर लगाने होंगे। एनएचएआई रखरखाव भुगतान जारी करने से पहले पर्यावरण एवं पौधरोपण विशेषज्ञों से स्थल पर अनुपालन का सत्यापन भी करायेगा।

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