नयी दिल्ली , जनवरी 14 -- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए तत्क्षण सुरक्षा चेतावनी प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया है।
सड़क सुरक्षा माह 2026' मनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक पशुओं के आने से होने वाले हादसों को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा पहल के तहत, एनएचएआई ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग इस्तेमाल करने वालों को आवारा पशुओं वाले इलाकों के पास आने पर तत्क्षण सुरक्षा चेतावनी के लिए एक पायलट पहल शुरू की है। इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग पर, खासकर कोहरे और कम दृष्टता की स्थिति में, जानवरों के अचानक आने से होने वाले हादसों को कम करना है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार यह पायलट परियोजना जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर पर लागू किया जा रहा है। इस कॉरिडोर को आवारा जानवरों के आने वाले इलाकों के तौर पर पहचाना गया है। परियोजना के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए लोकेशन आधारित अलर्ट जारी किया जाएगा, जो चिन्हित तौर पर अधिक जोखिम वाले हिस्सों से लगभग 10 किमी पहले चेतावनी देंगे। इससे यात्रियों को सावधानी बरतने के लिए कुछ समय मिल जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के साथ प्रभावी संचार सुनिश्चित करने के लिए, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा चेतावनी एक फ्लैश एसएमएस के जरिए दी जाएगी। इसके बाद एक वॉयस अलर्ट भी आएगा। फ्लैश एसएमएस अलर्ट हिन्दी में जारी किया जाएगा, जिसमें 'आगे आवारा पशु ग्रस्त क्षेत्र है। कृपया धीरे और सावधानी से चलें' लिखा होगा। इसके बाद एक वॉयस अलर्ट आएगा जिसमें वही सेफ्टी मैसेज दिया जाएगा। अलर्ट से परेशानी न हो, इसके लिए 30 मिनट के अंदर एक ही यूजर को बार-बार अलर्ट नहीं भेजा जाएगा।
इस पहल से ड्राइवरों की जागरूकता बढ़ेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बेहतर होगी। अलर्ट दुर्घटना डेटा के आधार पर फील्ड-लेवल इनपुट के जरिए चिन्हित किये गए मवेशियों वाले क्षेत्र के आधार पर जेनरेट किए जाएंगे और अपग्रेड किए गए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके डिलीवर किए जाएंगे। इस पहल के तहत, रिलायंस जियो ने इन रियल-टाइम अलर्ट को देश भर में डिलीवर करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया है।
पायलट परियोजना के नतीजों और प्रभाव के आधार पर एनएचएआई देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और यूजर के अनुभव को बढ़ाने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, इस पहल को दूसरे आवारा मवेशियों वाले क्षेत्र में विस्तारित करने की संभावना का मूल्यांकन करेगा।
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