नयी दिल्ली , जून 23 -- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) ने परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं।

एनएचएआई ने मंगलवार को बताया कि इस समझौते के तहत एनसीएईआर में 'एनएचएआई सेंटर फॉर इकॉनमिक्स ऑफ ट्रांसपोर्टेशन, मोबिलिटी एंड लॉजिस्टिक्स' की स्थापना की जायेगी। यह देश का पहला स्थायी और स्वतंत्र अनुसंधान केंद्र होगा, जो परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स के आर्थिक पहलुओं पर केंद्रित रहेगा।

एनएचएआई मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हुए हस्ताक्षर समारोह के दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि यह साझेदारी उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और नीति विश्लेषण के लिए एक समर्पित मंच तैयार करेगी, जिससे परिवहन क्षेत्र में योजना, निवेश और परिसंपत्ति प्रबंधन से जुड़े निर्णयों को मजबूती मिलेगी।

एनएचएआई के अनुसार केंद्र राष्ट्रीय राजमार्ग अर्थशास्त्र, माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स, टोल नीति, परिसंपत्ति मुद्रीकरण, सड़क सुरक्षा, राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन एवं रखरखाव तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे विषयों पर अनुसंधान करेगा।

केंद्र के शोध निष्कर्ष सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और अन्य सरकारी एजेंसियों को प्रभावी नीतियां एवं कार्यक्रम तैयार करने में सहायता प्रदान करेंगे। एनएचएआई अगले 10 वर्षों तक केंद्र की स्थापना और संचालन में सहयोग देगा।

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