नयी दिल्ली , अक्टूबर 05 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) बिहार में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की सुनवाई के लिए 07 और 08 अक्टूबर को पटना के ज्ञान भवन में दो दिवसीय 'खुली सुनवाई और शिविर बैठक' आयोजित करेगा।
एनएचआरसी के सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान शिकायतकर्ताओं और संबंधित राज्य अधिकारियों की मौजूदगी में मामलों की सुनवाई की जायेगी। पहले दिन आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन तथा सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) विद्युत रंजन सारंगी और विजया भारती सयानी पूर्ण आयोग के रूप में मामलों की सुनवाई करेंगे। दूसरे दिन 08 अक्टूबर को आयोग दो अलग-अलग पीठों में सुनवाई करेगा। अध्यक्ष कथित बंधुआ मजदूरी के मामलों की सुनवाई करेंगे, जबकि न्यायमूर्ति (डॉ.) विद्युत रंजन सारंगी और विजया भारती सयानी की खंडपीठ अनुपालन संबंधी मामलों तथा मानवाधिकार उल्लंघन की अन्य शिकायतों पर सुनवाई करेगी।
सुनवाई के बाद आयोग नागरिक समाज संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और मानवाधिकार रक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेगा। इसके अलावा, समापन सत्र में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मानवाधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जायेगी। आयोग का उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों की स्थिति से जुड़े मुद्दों पर संबंधित पक्षों के साथ सीधे संवाद करना भी है।
एनएचआरसी ने कहा है कि मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वह वर्ष 2007 से समय-समय पर विभिन्न राज्यों में शिविर बैठकें आयोजित करता रहा है। इन बैठकों के माध्यम से आयोग शिकायतकर्ताओं को अपनी शिकायतें सीधे आयोग के समक्ष रखने और संबंधित मामलों में सुनवाई का अवसर प्रदान करता है।
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