नयी दिल्ली , जुलाई 02 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तरातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम भवन के ढहने की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें पांच मजदूरों की मौत हो गयी थी जबकि 20 अन्य घायल हुए थे।

एनएचआरसी ने गुरुवार को बताया कि इस मामले को मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, कोलकाता पुलिस आयुक्त और नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आयोग ने कहा है कि रिपोर्ट में घटना की जांच की वर्तमान स्थिति, हादसे के कारणों तथा मृतकों के परिजनों और घायलों को दिये गये मुआवजे का पूरा विवरण शामिल किया जाये।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा 24 जून को कोलकाता के तरातला इलाके में हुआ था। उस समय निर्माणाधीन गोदाम में करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान लोहे के ढांचे पर कंक्रीट डालने का कार्य चल रहा था, तभी पूरी संरचना अचानक भरभराकर गिर गयी। मलबे के नीचे कई मजदूर दब गए थे और 12 से 15 लोगों के फंसे होने की आशंका जतायी गयी थी।

आयोग ने यह भी संज्ञान लिया है कि प्रारंभिक रिपोर्टों में भवन का स्वीकृत नक्शा दोषपूर्ण होने की बात सामने आयी है, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला होगा।

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