हरिद्वार , सितंबर 12 -- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति को लेकर शनिवार को विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (यूएसआरएलएम) की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला की ग्रामोत्थान टीम और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को मजबूत बनाने, महिलाओं की आजीविका बढ़ाने तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एसएचजी सदस्यों की केवाईसी, बैंक खातों का समुदायों और संगठनों के लिए ऑनलाइन आजीविका (लोकोस) में अपडेशन, एसएचजी, वीओ एवं सीएलएफ के ऑडिट तथा बिना बैंक खाते वाले समूहों की प्रक्रिया पूरी करने की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अधूरे प्रोफाइल तत्काल पूरा करने और सभी इकाइयों के आवश्यक ट्रांजैक्शन समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। शेलपन कैडर के ऑनबोर्डिंग के साथ एफपीओ एवं आईएफसी से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
ई-बुककीपर के माध्यम से ग्राम पंचायतवार कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश देते हुए अधिकारियों ने कहा कि इससे समूहों के वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और लेखा-जोखा समय पर उपलब्ध हो सकेगा। बैठक में आईपीआरपी की भर्ती तथा सीएलएफ में मैनेजर और अकाउंटेंट की ब्लॉक स्तर पर भर्ती कराने के निर्देश भी दिए गए।
वीपीआरपी के तहत सभी इकाइयों के पात्रता योजना एवं आजीविका योजना तैयार करने को कहा गया। इन योजनाओं को ग्राम सभा के माध्यम से जीपीडीपी में सोशल विकास योजना के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ आजीविका गतिविधियों को भी प्राथमिकता मिल सके।
अधिकारियों ने आरसेटी के सभी प्रशिक्षण समय से पूरा कराने तथा स्मॉल एंटरप्राइजेज और इंटरलोनिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। बीमा सखी, एफएलसीआरपी और बीसी सखी के प्रशिक्षण को आरसेटी के साथ समन्वय स्थापित कर पूरा कराने के निर्देश दिए गए, जिससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
लखपति दीदियों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को लाइन विभागों, ग्रामोत्थान और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए एनआरएलएम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। अधिकारियों ने कहा कि समूहों की आर्थिक मजबूती से ही ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में स्थायी सुधार संभव होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित