नयी दिल्ली , जुलाई 08 -- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को ऑनलाइन चरमपंथी विचारधारा फैलाकर लोगों को कट्टरपंथी बनाने के मामले में पूरे देश में छापेमारी की।
एनआईए की टीम ने इस मामले में चल रही जांच के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में कुल 20 जगहों पर एक साथ छापेमारी की।आज की तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण ज़ब्त किए गए। चरमपंथी साजिश के बारे में और सुराग पाने के लिए इनकी फॉरेंसिक जांच की जायेगी। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। एनआईए ने इस मामले को मई 2026 में आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस से अपने हाथ में लिया था।
विजयवाड़ा पुलिस ने मार्च में यह मामला दर्ज किया था। यह मामला मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के घर की तलाशी के बाद दर्ज किया गया था जिसमें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों एक्यूआईएस (अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट) और आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुई थी।
एनआईए देश को अस्थिर करने और 'खिलाफत' कायम करने की साज़िश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की दिशा में काम कर रही है। एजेंसी ने पाया है कि गिरफ़्तार आरोपी एवं उनके साथी हिंसक जिहादी सामग्री एवं गलत जानकारी फैलाकर पूरे देश में आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहे थे। आरोपी जिहादी विचारधारा का प्रचार करने और भारत विरोधी साज़िश को बढ़ावा देने के लिए अपने विदेशी आकाओं के साथ ऑनलाइन संपर्क में भी हैं।
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