लखनऊ , मार्च 24 -- एड्स उन्मूलन की दिशा में अब रणनीति में बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिसमें एचआईवी से प्रभावित लोगों को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि इस लड़ाई का केंद्र बनाया जा रहा है।
इस बावत मंगलवार को लखनऊ में जीआईपीए (ग्रेटर इन्वॉल्वमेंट ऑफ पीपल लिविंग विथ एचआईवी/एड्स) सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें समावेशी देखभाल और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरएमएलआईएमएस के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह ने कहा कि एचआईवी मरीजों की भागीदारी नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन और निगरानी तक सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीआईपीए की अवधारणा इसी सोच पर आधारित है कि प्रभावित लोग इस लड़ाई के बराबर के भागीदार हैं।
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