हमीरपुर , अप्रैल 13 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना और बेतवा नदियों पर निर्माणाधीन बाईपास पुल परियोजना भूमि विवाद और भुगतान को लेकर उलझ गई है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने वन विभाग को दो करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम धनराशि देने से साफ इंकार कर दिया है, जिससे कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सोमवार को बताया कि लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन परियोजना के तहत दोनों पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। बेतवा नदी पर एक लेन का निर्माण हो चुका है, जबकि यमुना नदी पर सेतु निगम ने स्लैब डालने की तैयारी पूरी कर ली है। परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा कर हैंडओवर किया जाना है।
उन्होंने कहा कि यमुना नदी क्षेत्र में करीब 400 मीटर भूमि को लेकर आठ किसानों और वन विभाग के बीच विवाद कमिश्नर न्यायालय में लंबित है। इस विवाद के कारण पुल और संपर्क मार्ग निर्माण में बाधा आ रही है। प्रशासन की ओर से कई बार लोनिवि से धनराशि जमा कराने को कहा गया है, ताकि मुकदमे का निर्णय होने पर विजयी पक्ष को भुगतान किया जा सके।
वहीं लोनिवि के मुख्य अभियंता मानवेंद्र कुमार ने कहा कि विभाग वन विभाग को अग्रिम भुगतान देने के पक्ष में नहीं है। उनका तर्क है कि यदि बाद में विवाद किसानों के पक्ष में गया तो धनराशि की वसूली जटिल हो सकती है और सरकारी धन जोखिम में पड़ सकता है।
मुख्य अभियंता ने सुझाव दिया कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पर राशि जमा कराए और निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। निर्णय के बाद संबंधित पक्ष को भुगतान किया जा सकता है। दोनों विभागों के बीच सहमति न बनने से मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल परियोजना पर अनिश्चितता बनी हुई है।
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