अमृतसर , अगस्त 22 -- श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कनाडा के अल्बर्टा स्थित एडमोंटन के नानकसर गुरुद्वारा साहिब में एक व्यक्ति द्वारा घुसकर सिख सेवादारों पर हमला किये जाने की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कनाडा में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और गुरुद्वारों में चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। जत्थेदार ने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिबकी ओर भी बढ़ने का प्रयास किया था, लेकिन मौके पर मौजूद संगत और सेवादारों ने उसे रोक लिया और गुरु साहिब की बेअदबी नहीं होने दी। उन्होंने इसे राहत की बात बताते हुए हमले में घायल हुए दो सिख सेवादारों के शीघ्र स्वस्थ होने की अरदास की।
ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि आरोपी को एडमोंटन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कनाडा में सिख संगठनों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मामले की गहन जांच हो। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि कहीं किसी सिख विरोधी संगठन या समूह ने आरोपी को गुरुद्वारा साहिब को निशाना बनाने के लिए उकसाया या प्रभावित तो नहीं किया। उन्होंने बताया कि हाल में कैलगरी के गुरुद्वारों को भी धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आयी हैं। उन्होंने कैलगरी पुलिस से इन मामलों की गंभीरता से जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
जत्थेदार ने कहा कि गुरमत सिद्धांतों के अनुसार गुरुद्वारों के द्वार सभी के लिए खुले रहते हैं और यहां प्रतिदिन सरबत के भले की अरदास की जाती है। इसके बावजूद मौजूदा परिस्थितियों में गुरुद्वारा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी पर्याप्त सुरक्षा और सतर्कता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कनाडा की सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें मजबूत करने तथा 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन की हाल में जारी रिपोर्ट में कनाडा में सिखों के खिलाफ नफरत और भेदभाव में वृद्धि का उल्लेख किया गया है। यह स्थिति जमीनी स्तर के साथ-साथ ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी देखने को मिल रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कनाडा की सभी सिख संस्थाओं और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों से अपील की कि वे अनावश्यक विवादों और मतभेदों को अलग रखकर एकजुट हों तथा गुरमत सिद्धांतों की रोशनी में मौजूदा चुनौतियों का सामना करें।
जत्थेदार ने दुनिया भर के सिखों से भी सिख समुदाय के खिलाफ कथित साजिशों को गंभीरता से समझने, आत्म-सुरक्षा की नीति अपनाने तथा सामूहिक रूप से सिख पहचान, इतिहास, परंपराओं, सिद्धांतों और गुरमत शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए काम करने का आह्वान किया।
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