नयी दिल्ली , जनवरी 12 -- चुनाव आयोग ने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (सेवानिवृत्त) अरुण प्रकाश को मतदाता सूची के गहन पुररीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजे जाने के मामले पर सोमवार को स्पष्टीकरण दिया।

आयोग द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि गोवा के कोर्टालिम विधानसभा क्षेत्र में पार्ट नंबर 43 के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ने एडमिरल प्रकाश से संबंधित गणना-पत्र का संग्रह किया था। उसमें मतदाता का नाम, मतदाता पहचान पत्र संख्या, संबंधी का नाम, विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर, पार्ट नंबर तथा सीरियल नंबर जैसे पिछले एसआईआर के विवरण नहीं भरे गये थे।

आयोग ने कहा है कि इन जानकारियों के अभाव में गणना-पत्र और मौजूदा मतदाता सूची के आंकड़ों का मिलान नहीं किया जा सका और सिस्टम ने गणना-पत्र को "अनमैप्ड" की श्रेणी में डाल दिया।

स्पष्टीकरण में कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत ऐसे मामलों में स्वतः सुनवाई का नोटिस जारी हो जाता है ताकि मतदाता के विवरणों का सत्यापन किया जा सके। एडमिरल प्रकाश के मामले में भी ऐसा ही हुआ।

पूर्व नौसेना अध्यक्ष को एसआईआर का नोटिस जारी होने की खबरें मीडिया में आने के बाद चुनाव आयोग की तरफ से यह स्पष्टीकरण दिया गया है।

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