एटा , जून 22 -- उत्तर प्रदेश में एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया और अभिलेखों की जांच की। निरीक्षण के समय बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी के आरटीआई आयोग में उपस्थित होने की जानकारी दी गई, जबकि विभाग के कुछ अन्य अधिकारी और पटल सहायक भी अनुपस्थित मिले।

श्री सिंह ने कहा कि विभिन्न विभागों का नियमित निरीक्षण कर जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षकों से संबंधित वित्तीय लाभ, पेंशन, वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) तथा अन्य सेवा संबंधी मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि वित्तीय और अनुशासनात्मक मामलों में आवश्यक निर्णय समयबद्ध तरीके से लिए जाएं और किसी भी प्रकरण को बिना कारण लंबित न रखा जाए।

जिलाधिकारी ने लेखा विभाग के अभिलेखों की भी जांच की और स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लेखा संबंधी सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूरे किए जाएं। उन्होंने विद्यालयों में छात्रों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन सहित अन्य सुविधाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा सभी पत्रावलियों का समयबद्ध निस्तारण करने पर भी जोर दिया। साथ ही उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों में भी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सुरभि यादव नामक एक महिला ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि न्यायालय के आदेश के तीन महीने बाद भी उन्हें भरण-पोषण संबंधी लाभ नहीं मिल सका है और वह लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पटल को तत्काल मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

श्री सिंह ने कहा कि जनहित एवं प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित