चंडीगढ़ , सितंबर 24 -- किशोरों में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन को लेकर डॉक्टर प्रियंका ने बताया कि यह वैक्सीन भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि किशोर अवस्था में ही एचपीवी वैक्सीन लगवाना अधिक प्रभावी रहता है। 14 से 16 वर्ष की उम्र के बच्चों को यह वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।

डॉक्टर प्रियंका ने बताया कि एचपीवी संक्रमण आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर सहित कुछ अन्य प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। समय पर वैक्सीनेशन कराने से इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन को लेकर लोगों में कई तरह के भ्रम हैं, जबकि यह वैक्सीन सुरक्षित है। वैक्सीन के बाद गंभीर साइड इफेक्ट की संभावना बहुत कम होती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित