बैतूल , सितंबर 30 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए चल रहा किसान पंजीयन तकनीकी बाधाओं के कारण प्रभावित हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत 15 सितंबर से शुरू हुई पंजीयन प्रक्रिया के 15 दिन बाद भी जिले में 3005 किसानों का ही पंजीयन हो सका है। पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित है।
इस बार पंजीयन प्रक्रिया में तकनीकी बदलाव किया गया है। ई-उपार्जन पोर्टल पर सीधे खसरा अपडेट करने के बजाय किसान की फार्मर आईडी के जरिए एग्रीस्टैक पोर्टल से स्वत: डाटा लिया जा रहा है। अधिकांश किसानों के खसरों का विवरण एग्रीस्टैक पर समय पर अपडेट नहीं होने से पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
जानकारों के अनुसार गिरदावरी का कार्य एप पर दर्ज होने के बावजूद राज्य स्तर पर उसका अपडेशन बाकी होने से किसानों का ऑनलाइन विवरण प्रदर्शित नहीं हो पा रहा है। इसके कारण किसान पंजीयन कराने में परेशानी का सामना कर रहे हैं।
जिले में अब तक हुए 3005 पंजीयनों में 3002 धान और तीन ज्वार के हैं। भैंसदेही तहसील में धान का एक भी पंजीयन नहीं हुआ है, जबकि घोड़ाडोंगरी में सर्वाधिक 2377 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की अंतिम तिथि में अब कम समय शेष रहने के कारण किसानों में चिंता है। किसानों ने शासन से मांग की है कि यदि एग्रीस्टैक पोर्टल पर खसरों का विवरण जल्द अपडेट नहीं होता है तो पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित न रहें।
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