पटना , मई 15 -- ाज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल 'पिंक बस' को शुरू हुए एक वर्ष पूरे हो गए हैं।

इस दौरान 10 लाख से अधिक महिला यात्रियों ने इन बसों का सफर किया, जिससे बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) को लगभग ढाई करोड़ रुपये की आय हुई है। पहले जहां महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित रहती थीं, आज वो स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों तक जाने के लिए सड़कों पर बेताबी से पिंक बस का इंतजार करती नजर आती हैं। प्रति महीने औसतन 83 हजार से अधिक लड़कियां एवं महिलाएं ऑटो रिक्शा छोड़ पिंक बस के जरिये सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचती हैं।

यह बदलाव बिहार में महिलाओं के लिए उठाए जा रहे सकारात्मक कदमों का नतीजा है। इस किफायती सफलता का पूरा श्रेय इन्हीं महिलाओं को जाता है, जिनकी भागीदारी और विश्वास ने इस योजना को धरातल तक पहुंचाया।

निगम के अनुसार, सीएनजी आधारित पिंक बसें पटना सहित छह प्रमंडलों पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा में संचालित हो रही हैं। वर्तमान में कुल 100 पिंक बसें चल रही हैं, जिनमें पटना में 30, मुजफ्फरपुर में 20, गयाजी में 15, दरभंगा में 15, भागलपुर में 10 और पूर्णिया में 10 बसें हैं। सबसे अधिक 5 लाख 74 हजार महिला यात्री राजधानी पटना में पिंक बस से यात्रा कर चुकी हैं।

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