पटना , जुलाई 24 -- ्रामीण कार्य विभाग राज्य के सुदूर और संपर्क-विहीन ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के अपने संकल्प को निरंतर पूरा कर रहा है। विभाग के अथक प्रयासों से बरसात के इस मौसम में भी ग्रामीण बिहार की राह सुगम और बाधारहित हो गई है। राज्य के शेष बचे सभी संपर्क-विहीन बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ने के अभियान के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में पूरे बिहार में कुल 1,29,990 संपर्क-विहीन बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरे राज्य में 1,34,704 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों के निर्माण की रूपरेखा तैयार की गई थी। वहीं अब तक पूरे राज्य में 1,21,587 संपर्क-विहीन बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया गया है, जिससे इन इलाकों के लाखों लोगों को सुलभता हुई है। इन बसावटों को यातायात की मुख्यधारा में लाने के लिए विभाग द्वारा 1,20,836 किलोमीटर लंबी पक्की सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इन बारहमासी सड़कों के निर्माण से मानसून और बाढ़ के दौरान भी बसावटों का संपर्क मुख्य मार्गों से नहीं टूट रहा है, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को आवागमन में किसी भी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की दिशा में विभाग द्वारा शेष बची हुई बसावटों के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्य में वर्तमान में 8,403 ऐसी बसावटें हैं जहाँ पक्की सड़कों से जोड़ने की योजना प्रगति पर है। इन निर्माणाधीन परियोजनाओं के तहत कुल 12,595 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने 3,161 बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत 9,264 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाना है।
इस निर्धारित लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग अत्यंत तेज गति से कार्य कर रहा है और मानसून की चुनौतियों के बावजूद निर्माण कार्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है। विभाग द्वारा चालू वर्ष में 327 बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया गया है, जिसके तहत 543 किलोमीटर लंबी पक्की सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
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