चंडीगढ़ , सितंबर 12 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड और नेशनल हाईवे बनाने की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

इनका उद्देश्य शहरों में यातायात का दबाव कम करने के साथ आमजन के लिए बेहतर आवागमन सुनिश्चित करना है। इन परियोजनाओं पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय में राष्ट्रीय राजमार्गों के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में भीड़ कम करने के लिए मास्टर प्लान और राज्य की वित्तीय हिस्सेदारी के मॉडल को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप बाहरी रिंग रोड और नेशनल हाईवे के लिए नीति तैयार की जाए। इससे शहरों और कस्बों में यातायात दबाव कम करने वाली सड़कों के निर्माण में तेजी आएगी।

बैठक में हिसार बाईपास, कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास, नारनौल सिटी बाईपास, जींद बाईपास और सोहना-पलवल बाईपास को मंजूरी दी गई। हिसार बाईपास एनएच-52 के हिसार-राजगढ़ रोड को हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ेगा। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की डीपीआर तैयार हो चुकी है।

नारनौल सिटी बाईपास करीब 11 किलोमीटर लंबा होगा और इसे एनएच-148बी से जोड़ा जाएगा। जींद के दूसरी ओर बाहरी रिंग रोड और एनएच-352 का चार लेन बाईपास बनाया जाएगा। एनएच-919 से पलवल-सोहना बाईपास का पुनर्निर्माण और री-डिजाइन किया जाएगा। करीब 24 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को चार लेन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना पर भी चर्चा की। करनाल रिंग रोड के लिए भूमि शेयर जमा कराया जा चुका है, जबकि अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाला रिंग रोड निर्माणाधीन है।

बैठक में राज्य की वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्णय भी लिया गया।

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