चंडीगढ़ , अक्टूबर 24 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस की महारैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तारीख का चयन गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि एक नवंबर 1984 को दिल्ली में सिख-विरोधी हिंसा शुरू हुई थी, जिसकी पीड़ा आज भी सिख परिवारों के मन में है।

श्री सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में हर दल को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस को बताना चाहिए कि रैली के लिए यही तारीख क्यों चुनी गई। उन्होंने कहा कि 1984 के पीड़ितों को न्याय दिलाना राजनीति नहीं, बल्कि कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2015 में एसआईटी गठित कर 1984 के मामलों की दोबारा जांच शुरू कराई गई। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर, वीर बाल दिवस और गुरुद्वारों के लंगर पर जीएसटी की प्रतिपूर्ति जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।

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