पटना, सितंबर 23 -- टना नगर निगम की ओर से संपत्ति कर संवर्धन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बुधवार को निगम ने एक दिन में रिकॉर्ड 193 संपत्तियों का कर निर्धारण किया। वहीं, सभी छह अंचलों में चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के दौरान 700 से अधिक संपत्तियों से लगभग Rs.56.55 लाख का संपत्ति कर संग्रह किया गया।डोर-टू-डोर संपर्क एवं जागरूकता अभियान के माध्यम से निगम की टीमें लगातार संपत्ति मालिकों से संपर्क कर रही हैं। अभियान के दौरान 55 संपत्ति मालिकों द्वारा स्व-कर पुनर्निर्धारण किया गया, जबकि 23 संपत्तियों का निगम की टीम द्वारा पेनाल्टी के साथ पुनर्मूल्यांकन किया गया।
पटना नगर निगम द्वारा संपत्ति कर के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों को कर के दायरे में लाने, पूर्व में निर्धारित कर की जांच करने तथा बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए अभियान को लगातार तेज किया जा रहा है। निगम की टीमें घर-घर पहुंचकर संपत्ति का विवरण सत्यापित करने के साथ ही कर निर्धारण, पुनर्निर्धारण एवं बकाया कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करा रही हैं।
यदि किसी संपत्ति का अभी तक कर निर्धारण या पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है अथवा संपत्ति कर बकाया है, तो संपत्ति के मालिक ऑनलाइन माध्यम से पटना नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा अपने संबंधित अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी अथवा राजस्व पदाधिकारी से संपर्क कर निगम कर्मियों को अपने घर या प्रतिष्ठान पर बुलाकर आवश्यक कार्रवाई पूरी कराई जा सकती है।
सभी संपत्ति मालिकों से अपील की गयी है कि वे 30 सितंबर 2026 तक अपने बकाया संपत्ति कर का भुगतान कर दें तथा जिन संपत्तियों का अभी तक कर निर्धारण या पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है, वे समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएं। 30 सितंबर के बाद बकाया संपत्ति कर के भुगतान पर नियमानुसार 1.5 प्रतिशत विलंब शुल्क/दंड लागू होगा। आम जन की सहूलियत के लिए निगम द्वारा ऑनलाइन, ऑफलाइन और डोर टू डोर सेवा दी जा रही है। आम जन से अपील की गयी है कि वे इसका लाभ उठाएं और ससमय संपत्ति कर का भुगतान करें।
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